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Ankhon Dekhi Azadi Ki Ladai "आँखों देखी आजादी à..More

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Final Price inclusive of all taxes

size

22 x 14 x 2 cm

Product Information

Genre

History

Author Name

J.B. Kriplani

About Author

आचार्य जे.बी. कृपलानीजन्म : सन् 1888, हैदराबाद, सिंध।शिक्षा : हैदराबाद व मुंबई। पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से इतिहास में एम.ए. 1909। अध्यापन (मुजफ्फरपुर, बिहार) 1912-1917। चंपारण सत्याग्रह (1917) में महात्मा गांधी के सहयोगी। पं. मदनमोहन मालवीय, कांग्रेस अध्यक्ष के सहायक 1918। काशी हिंदू विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर 1919-1920। असहयोग आंदोलन में विश्वविद्यालय से त्यागपत्र 1920। श्री गांधी आश्रम की स्थापना 1920; 1971 तक श्री गांधी आश्रम के निदेशक। प्राचार्य, गुजरात विद्यापीठ 1922-27। खादी और स्वाधीनता संग्राम के काम-काज में सक्रिय 1927-34। 1947 में सेंट्रल रिलीफ कमिटी की स्थापना, कुछ ही वर्षों बाद कृष्णानंद चैरिटेबल ट्रस्ट की स्थापना, कांग्रेस महसचिव 1934-46, कांग्रेस के 57वें अध्यक्ष 1946-47, नीतिगत मतभेद होने पर कांग्रेस अध्यक्ष पद से नवंबर 1947 में त्यागपत्र। 1950 में कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़े और हारे, पुरुषोत्तम दास टंडन जीते। ‘विजिल’ पत्रिका प्रारंभ 1950। ‘कांग्रेस डेमोक्रेटिक फ्रंट’ की स्थापना 1951। कांग्रेस से इस्तीफा और किसान-मजदूर प्रजा पार्टी की स्थापना 1951। सोशलिस्ट पार्टी में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी का विलय 1952 और प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी ‘प्रसोपा’ का गठन, प्रसोपा के अध्यक्ष 1952, प्रसोपा के अध्यक्ष पद से त्यागपत्र नवंबर 1954। प्रसोपा से अलग हुए और निर्दलीय राजनीति प्रारंभ 1960। संसदीय जीवन : 1. संविधान सभा के सदस्य 1946-50; २. अंतरकालीन संसद् में सदस्य 1950-52। लोकसभा सदस्य : सन् 1952 में किसान-मजदूर प्रजा पार्टी के अध्यक्ष के रूप में फैजाबाद से चुनाव लड़े और हारे। 1953 में भागलपुर-सहरसा चुनाव क्षेत्र से एक उपचुनाव में जीते। 1957-62 के लोकसभा चुनाव में सीतामढ़ी से जीते। 1962 के आम चुनाव में बंबई से वी.के. कृष्ण मेनन के मुकाबले हारे। 1963 में अमरोहा उपचुनाव काँटे की लड़ाई में जीते। 1967 के आम चुनाव में रायपुर से हारे। 1976 के उपचुनाव में गुना से जीते। 1971 का चुनाव नहीं लड़ा, आगरा से प्रस्ताव था। 1977 में जनता पार्टी के लिए प्रचार किया।

Material

Paperback

Ideal for

Unisex

Code

9789355621948 (ISBN CODE)

No

{" of Pages":"300 pages"}

Country Of Origin

India

Product Description

यह पुस्तक आँखों देखी आजादी की लड़ाई का सजीव वर्णन करती है। ऐसी पुस्तक दूसरी नहीं है। दूर से आजादी की लड़ाई को बताना एक बात है और उस लड़ाई में सिपाही से सेनापति तक की भूमिका निभाते हुए उसका वर्णन करना बिल्कुल ही दूसरी बात। आचार्य कृपलानी आजादी के ठीक पहले लगभग 12 वर्षों (1934-46) तक कांग्रेस के महामंत्री रहे और आजादी के समय अर्थात् 1947 में वे कांग्रेस के अध्यक्ष थे। इसलिए उनकी आँखों देखी आजादी की लड़ाई आधुनिक भारतीय इतिहास अथवा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है। आजादी की लड़ाई में अनेक धाराएँ थीं। यह पुस्तक मुख्यधारा की लड़ाई से परिचित कराती है, जिसके महानायक निःसंदेह महात्मा गांधी थे। इस पुस्तक में एक निष्पक्षता और थोड़ी दूरी बनाकर लड़ाई के नायकों और महानायक को देखने-दिखाने का ऐसा अद्भुत और सफल प्रयास है, जो किसी दूसरी पुस्तक में नहीं मिलता है।
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