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BHARATIYA SAMVIDHAN : ANAKAHI KAHANI

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20.3 x 25.4 x 4.7 cm

Product Information

Genre

UPSC


Author Name

Ram Bahadur Rai


About Author

रामबहादुर राय—1946 में गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में जन्म। लिख-पढ़कर औपनिवेशिक राज्यव्यवस्था में परिवर्तन के लक्ष्य से 1979 में पत्रकारिता की राह ली। काशी हिंदू विश्वविद्यालय से (अर्थशास्त्र) में एम.ए.। राजस्थान विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रीवा, मध्य प्रदेश के कला संकाय के अंतर्गत डी.लिट. की मानद उपाधि। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में राष्ट्रीय सचिव का दायित्व निर्वहन किया।


Material

Paperback


Ideal for

Unisex


Code

9789390900961 (ISBN CODE)


No

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Country Of Origin

India

Product Description

यह पुस्तक भारतीय संविधान के ऐतिहासिक सच, तथ्य, कथ्य और यथार्थ की कौतूहलता का सजीव चित्रण करती है। संविधान की कल्पना, अवधारणा और उसका उलझा इतिहास इसमें समाहित है। घटनाएँ इतिहास नहीं होतीं, उसके नायक इतिहास बनाते हैं।1920 से महात्मा गांधी ने स्वाधीनता आंदोलन की मुख्यधारा का नेतृत्व किया। उन्होंने ही स्वराज्य को पुनर्परिभाषित किया। फिर संविधान की कल्पना को शब्दों में उतारा। इस तरह संविधान की अवधारणा का जो विकास हुआ, उसके राजनीतिक नायक महात्मा गांधी हैं। वे संविधान सभा के गठन, उसे विघटित होने से बचाने और सत्ता हस्तांतरण की हर प्रक्रिया में अत्यंत सतर्क हैं। उन्होंने हर मोड़ पर कांग्रेस को बौद्धिक, विधिक, राजनीतिक और नैतिक मार्गदर्शन दिया। संविधान के इतिहास से पता नहीं क्यों, इसे ओझल किया गया है। ग्रेनविल ऑस्टिन ने जो स्थापना दी, उसके विपरीत इस पुस्तक में महात्मा गांधी की नेतृत्वकारी भूमिका का प्रामाणिक विवरण है। पंडित नेहरू बड़बोले नेता थे। खंडित चित्त से उनका व्यक्तित्व विरोधाभासी था।