undefined__The Books Empire

Pt. Shyamnarayan Pandey Granthawali (Set of Volumes 1, 2, 3 & 4)

₹1,398

₹3,000

53% Off

Hurry Up, Shop Now!

00H:27M:00S

View Available Offers

Final Price inclusive of all taxes

size

20.3 x 25.4 x 4.7 cm

Product Information

Genre

Poetry, Religion & Spirituality

Code

9789395386586 (ISBN CODE)

No

{" of Pages":"1488 pages"}

Author Name

Purusharth Singh::Dr Anjana Singh Sengar::Dr Seema Singh

About Author

पुरुषार्थ सिंह—शैक्षिक योग्यता : परास्नातक । कृतित्व : प्रकाशित पुस्तकें : कोई दर्द छू रहा है, गीला चाँद; अंतर्नाद (अर्द्धवार्षिकी ) के प्रधान संपादक; अंतर्नाद/हल्दीघाटी सम्मान के संस्थापक; ॐ कौशिक रिसर्च फाउंडेशन, मऊ के निदेशक।

Material

Paperback

Ideal for

Unisex

Country Of Origin

India

Product Description

पंडित श्यामनारायण पांडेय ग्रंथावली अतीत की सुषुप्त चेतना की जागृति से लेकर वर्तमान परिदृश्य को अपने अर्वाचीन पुरातन से साक्षात्कारित करवाती है। अपने समय और अखंड कालक्रम में होने तक जिस संचेतना को लेखन से लेकर वाचिक परंपरा तक महाकवि पंडित श्यामनारायण पांडेय ने अपने शब्दों और ध्वनि-टंकार से दसों दिशाओं में निनादित किया, उस ओजस्वी और प्रेरक वाणी को आज के पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने का यह एक प्रयास है। चार खंडों में लुप्तप्राय उनकी दस कृतियों को एकसूत्रित कर ओज के आधुनिक भूषण के अंतरतम को संकलित करने का यह प्रयास है। आदि से आधुनिक काल तक, जीवन के उन्नयन से लेकर पराधीनता के बंधन तक, मुक्ति की चाह में लड़ते मन से लेकर सहज मन के भावार्पण तक को एकरूपता देने की कोशिश है। अपने आदर्शों और उनके विकट जीवन-संघर्षों की गाथा को रचने व हिंदी साहित्य के लुप्तप्राय पृष्ठों का पुनर्सकलन कर ग्रंथावली के रूप में सहेजना हमारा परम सौभाग्य है।
https://d1311wbk6unapo.cloudfront.net/NushopCatalogue/tr:w-600,f-webp,fo-auto/6811c2be42f263914ec736d3/sale_theme/1775544649865_H3L2BSKLOF_2026-04-07_2.png__The Books Empire

Hurry Up, Shop Now!

Extra 50% Off

Sale ends in

00H : 27M : 00S