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9789355627483 (ISBN CODE)
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डॉ. ना.मा. घटाटे इन गà¥à¤°à¤‚थों के संपादक डॉ. नारायण माधव घटाटे ने विधि आयोग के सदसà¥à¤¯ के रूप में à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संविधान की सेवा की; इससे पूरà¥à¤µ डॉ. घटाटे पिछले ३० वरà¥à¤·à¥‹à¤‚ से उचà¥à¤šà¤¤à¤® नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में वकालत करते रहे। डॉ. घटाटे ने सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤• की उपाधि नागपà¥à¤° विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से à¤à¤²-à¤à¤².बी. दिलà¥à¤²à¥€ विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ से, सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤•ोतà¥à¤¤à¤° और पी- à¤à¤š.डी. की उपाधि विदेशी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ विà¤à¤¾à¤—, अमेरिकन विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯, वाशिंगटन से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कीं। अमेरिका में अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के दौरान विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ के विदेशी कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ विà¤à¤¾à¤— में सलाहकार और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजनीति के विविध विषयों के अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• à¤à¥€ रहे। शà¥à¤°à¥€ घटाटे ने सà¥à¤¨à¤¾à¤¤à¤•ोतà¥à¤¤à¤° शोधपà¥à¤°à¤¬à¤‚ध 'चीन-बरà¥à¤®à¤¾ सीमा विवाद' पर और पी-à¤à¤š.डी. शोधपà¥à¤°à¤¬à¤‚ध 'à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ विदेश नीति में निरसà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤•रण' विषय पर लिखा। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने संविधान, अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ संबंध और समसामयिक विषयों पर अनेक शोध- लेख लिखे ।उचà¥à¤šà¤¤à¤® नà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में वरिषà¥à¤ अधिवकà¥à¤¤à¤¾ रहे डॉ. घटाटे ने १९à¥à¥« के आपातकाल के दौरान नजरबंद सà¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– विपकà¥à¤·à¥€ दलों के नेताओं की ओर से पैरवी की। डॉ. घटाटे १९à¥à¥© से १९à¥à¥ तक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनसंघ और १९८८ से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ जनता पारà¥à¤Ÿà¥€ की राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ कारà¥à¤¯à¤•ारिणी में रहे।
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शà¥à¤°à¥€ अटल बिहारी वाजपेयी के चिंतन और चिंता का विषय हमेशा ही संपूरà¥à¤£ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° रहा है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¤¤à¤¾ की संपà¥à¤°à¤à¥à¤¤à¤¾ और संवरà¥à¤¦à¥à¤§à¤¨ की कामना उनके निजी à¤à¤œà¥‡à¤‚डे में सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ रही है। यह à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ और कामना कà¤à¥€ संसद में विपकà¥à¤· के सांसद के रूप में पà¥à¤°à¤•ट होती रही, कà¤à¥€ कवि और पतà¥à¤°à¤•ार के रूप में, कà¤à¥€ सांसà¥à¤•ृतिक मंचों से à¤à¤• सà¥à¤²à¤à¥‡ हà¥à¤ पà¥à¤°à¤–र वकà¥à¤¤à¤¾ के रूप में और १९९६ से à¤à¤¾à¤°à¤¤ के पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के रूप में अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ हà¥à¤ˆà¥¤ शà¥à¤°à¥€ वाजपेयी ने देश की सतà¥à¤¤à¤¾ की बागडोर का दायितà¥à¤µ à¤à¤• टà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿà¥€ के रूप में गà¥à¤°à¤¹à¤£ किया। राषà¥à¤Ÿà¥à¤° के समà¥à¤®à¤¾à¤¨ और शà¥à¤°à¥€à¤µà¥ƒà¤¦à¥à¤§à¤¿ को सरà¥à¤µà¥‹à¤šà¥à¤š पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤•ता दी। न किसी दबाव को आड़े आने दिया, न किसी पà¥à¤°à¤²à¥‹à¤à¤¨ को। न किसी संकट से विचलित हà¥à¤, न किसी सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥ से। फिर चाहे वह परमाणॠपरीकà¥à¤·à¤£ हो, कारगिल समसà¥à¤¯à¤¾ हो, लाहौर-ढाका यातà¥à¤°à¤¾ हो या कोई और अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¤¾à¥¤ इसी तरह राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¥€ दो टूक और राषà¥à¤Ÿà¥à¤° हित को सरà¥à¤µà¥‹à¤ªà¤°à¤¿ मानते हà¥à¤ निरà¥à¤£à¤¯ लिये- चाहे वह कावेरी विवाद हो या कोंकण रेलवे लाइन का मसला, संरचनातà¥à¤®à¤• ढाà¤à¤šà¥‡ का विकास हो या सॉफà¥à¤Ÿà¤µà¥‡à¤¯à¤° के लिठसूचना और पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकी कारà¥à¤¯à¤¦à¤² की सà¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾, केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ बिजली नियंतà¥à¤°à¤£ आयोग का गठन हो या राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ राजमारà¥à¤—ों और हवाई अडà¥à¤¡à¥‹à¤‚ का विकास, नई टेलीकॉम नीति हो या आवास निरà¥à¤®à¤¾à¤£ को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¨ देने का सवाल, गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£à¥‹à¤‚ के लिठरोजगार के अवसर जà¥à¤Ÿà¤¾à¤¨à¥‡ का मामला हो या विदेशों में बसे à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ मूल के लोगों के लिठबीमा योजना। अपने पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤¤à¥à¤µ काल में शà¥à¤°à¥€ वाजपेयी ने जो उपलबà¥à¤§à¤¿à¤¯à¤¾à¤ हासिल कीं, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दो शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहा जा सकता है- जो कहा, वह कर दिखाया। पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ पद पर आसीन होने के बाद à¤à¥€ उनकी कथनी और करनी à¤à¤• ही बनी रही इसका पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ हैं इस 'संकलà¥à¤ª-काल' में संकलित वे महतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¤¾à¤·à¤£ जो शà¥à¤°à¥€ वाजपेयी ने पà¥à¤°à¤§à¤¾à¤¨à¤®à¤‚तà¥à¤°à¥€ के रूप में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मंचों से दिà¤à¥¤ अपनी बात को सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ और दृढ़ शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में कहना अटलजी जैसे निरà¥à¤à¤¯ और सरà¥à¤µà¤®à¤¾à¤¨à¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठसहज और संà¤à¤µ रहा है। लाल किला से लाहौर तक, संसद से संयà¥à¤•à¥à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° महासà¤à¤¾ तक विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯-अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मंचों से दिठगठइन à¤à¤¾à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से बार-बार à¤à¤• ही सतà¥à¤¯ à¤à¤µà¤‚ तथà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤¿à¤¤ और धà¥à¤µà¤¨à¤¿à¤¤ होता है-शà¥à¤°à¥€ वाजपेयी के सà¥à¤µà¤° और शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ में à¤à¤¾à¤°à¤¤ राषà¥à¤Ÿà¥à¤° राजà¥à¤¯ के à¤à¤• अरब लोगों का मौन समरà¥à¤¥à¤¨ और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ समाहित है। पà¥à¤°à¤à¤¾à¤¤ पà¥à¤°à¤•ाशन से पà¥à¤°à¤•ाशित 'मेरी संसदीय यातà¥à¤°à¤¾' (चार खंडों में) के बाद 'संकलà¥à¤ª काल' का पà¥à¤°à¤•ाशन अटलजी के पाठकों और उनके विचारों के संगà¥à¤°à¤¾à¤¹à¤•ों के लिठà¤à¤• और उपलबà¥à¤§à¤¿ है।