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Akhiri Meel "आखिरी मील" : Lokniti ki Asali Chunauti Book in Hindi - Amarjee..More

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22 x 14 x 2 cm

Product Information

Genre

Self-Help


Author Name

Amarjeet Sinha


About Author

अमरजीत सिन्हा वर्तमान में लोक उद्यम चयन बोर्ड के सदस्य हैं। इसके पूर्व 31 जुलाई, 2021 तक वे प्रधानमंत्रीजी के परामर्शी थे। 31 दिसंबर, 2019 में सचिव ग्रामीण विकास के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्हें सामाजिक विकास क्षेत्र का गत चार दशकों का अनुभव है।अमरजीत सिन्हा ने सर्वशिक्षा अभियान तथा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के नवाचारी प्रयोग में अपना योगदान दिया था। ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सभी कार्यक्रमों में उनकी विशेष रुचि है और उन्होंने कार्यक्रमों के सुधार के लिए काम किया है। प्रधानमंत्री आवास योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, महात्मा गांधी राष्ट्रीय नियोजन गारंटी योजना जैसी योजनाओं में उनका विशेष योगदान है। बहुआयामी गरीबी कम करने के प्रयोगों में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर कई कार्यक्रमों का नेतृत्व किया है। गत तीन दशकों में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी मसूरी में नव नियु€त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के सामाजिक विकास से संबंधित प्रशिक्षण से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने सामाजिक क्षेत्र पर पुस्तकें तथा महत्वपूर्ण लेख इत्यादि भी लिखे हैं।


Material

Paperback


Ideal for

Unisex


Code

9789355624352 (ISBN CODE)


No

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Country Of Origin

India

Product Description

‘आखरी मील : लोकनीति की असली चुनौती’ एक विकसित भारत के निर्माण में सामाजिक विकास की अनिवार्यता को प्रस्तुत करती है। एक सर्वसमावेशी समाज के निर्माण तथा सतत विकास के लिए आखरी मील की चुनौतियों के अनुरूप लोकनीति निर्माण एवं कार्यान्वयन अत्यंत आवश्यक है। पुस्तक के विभिन्न अध्यायों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला आधारित विकास, गरीबी उन्मूलन, कौशल विकास, प्राकृतिक कृषि, गरीबी मुक्त ग्राम पंचायतों की परिकल्पना जैसी महत्वपूर्ण चुनौतियों की चर्चा है। चर्चा का केंद्र वंचित परिवार हैं और उन तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य एवं आजीविका के माध्यम से विकसित राष्ट्र बनाने पर बल दिया गया है।लोकनीति के साथ-साथ सार्वजनिक प्रशासनिक प्रबंधन के महत्व को भी दरशाया गया है तथा समुदाय-आधारित एवं महिलाओं के नेतृत्व पर बल दिया गया है। सूक्ष्म बिंदुओं पर ध्यान आकृष्ट कर लोकनीति के माध्यम से जन-आधारित नवाचारी प्रयोगों की चर्चा इसमें है। एक सर्वसमावेशी समाज बनाने के लिए वंचित परिवारों के जीवन में सफलतापूर्वक परिवर्तन करने पर बल है। यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों तथा कार्यान्वित करने वाले गैर-सरकारी, सरकारी संगठनों और व्य€तयों के लिए महत्वपूर्ण सिद्घ होगी। इसके अध्ययन और व्यावहारिक कार्यान्वयन से निश्चित रूप से भारत के विकसित होने का पथ प्रशस्त होगा।