Meri_Sansadiya_Yatra_Speeches_In_Parliament_By_Shri_Atal_Bihari_Vajpayee_(Set_of_4_Vol)
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Meri Sansadiya Yatra Speeches In Parliament By Shri Atal Bihari Vajpayee (S..More

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size

24 x 16 x 6 cm

Product Information

Genre

Politics


Author Name

Dr. N.M. Ghatate


About Author

इन ग्रंथों के संपादक डॉ. नारायण माधव घटाटे ने विधि आयोग के सदस्य के रूप में भारतीय संविधान की सेवा की; इससे पूर्व डॉ. घटाटे पिछले ३० वर्षों से उच्चतम न्यायालय में वकालत करते रहे। डॉ. घटाटे ने स्नातक की उपाधि नागपुर विश्वविद्यालय से एल-एल.बी. दिल्ली विश्वविद्यालय से, स्नातकोत्तर और पी- एच.डी. की उपाधि विदेशी क्षेत्र अध्ययन विभाग, अमेरिकन विश्वविद्यालय, वाशिंगटन से प्राप्त कीं। अमेरिका में अध्ययन के दौरान विश्वविद्यालय के विदेशी क्षेत्र अध्ययन विभाग में सलाहकार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति के विविध विषयों के अध्यापक भी रहे। उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता रहे डॉ. घटाटे ने १९७५ के आपातकाल के दौरान नजरबंद सभी प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से पैरवी की। डॉ. घटाटे १९७३ से १९७७ तक भारतीय जनसंघ और १९८८ से भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रहे।


Material

Paperback


Ideal for

Unisex


Code

9789355624420 (ISBN CODE)


No

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Country Of Origin

India

Product Description

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी (२५ दिसंबर, १९२४ १६ अगस्त, २०१८) ने १५ अगस्त, १९९८ को ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा था- 'एक गरीब स्कूल मास्टर के बेटे का भारत के प्रधानमंत्री के पद तक पहुँचना भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का प्रतीक है।' पिछली अर्द्धसदी से भी अधिक समय से श्री वाजपेयी भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में अपना रचनात्मक योगदान देते रहे। श्री वाजपेयी का चिंतन दूरगामी था। देश-हित उनके लिए सर्वोपरि था। यह तथ्य इन भाषणों को पढ़कर पाठकों के सामने बार-बार उजागर हो आता है। अगर उनके समसामयिक प्रस्ताव, योजनाएँ, आशंकाएँ पूरी गंभीरता से स्वीकारी जातीं, उन्हें अमल में लाया जाता, तो देश की दशा इस तरह चिंता का विषय न बनी होती; इसका भी अनंत बार आभास इन भाषणों को पढ़कर होता है।