Sahajta_Ki_Bhavyata
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Sahajta Ki Bhavyata

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size

20.3 x 25.4 x 4.7 cm

Product Information

Genre

Politics


Author Name

Baldev Bhai Sharma


About Author

Baldev Bhai Sharma is an Indian Hindi author and journalist known for his contributions to literature and media. He is a writer and journalist, associated with Hindi publications. He is known for a clear, thoughtful, and impactful writing style.


Material

Paperback


Ideal for

Unisex


Code

9789352665419 (ISBN CODE)


No

{" of Pages":"592 pages"}


Country Of Origin

India

Product Description

सुप्रसिद्ध साहित्यकार और गोवा की राज्यपाल 'श्रीमती मृदुला सिन्हाजी अपनी साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक जीवन-यात्रा के 75 वसंत पूर्ण करने जा रही हैं। उन्होंने अपने साहित्यिक जीवन में भारतीय चिंतनधर्मिता, लोकधर्मिता एवं लेखकीय प्रतिबद्धता से भारतीय स्त्री-विमर्श और परिवार-सशक्तीकरण का शंखनाद किया है। जीवन में अनेक रचनात्मक एवं अभिनव विचार-कार्यों के द्वारा विकास का पथ प्रशस्त किया है। अपने राजनीतिक जीवन में कई संगठनात्मक दायित्वों का बड़ी निष्ठा से निर्वहण करते हुए गाँव की पगडंडी से गोवा के राजभवन तक पहुँची हैं। इतने उच्च संवैधानिक पद पर होकर भी वे बड़ी सहजता व सादगी से सभी लोगों से मिलती, बातें करती, उनके कार्यक्रमों में उपस्थित हो जाती हैं, उनके दुःख-सुख की परवाह करती हैं। मृदुला सिन्हा के आचार-विचार, हाव-भाव, जीवन के क्षण-क्षण में लोक विद्यमान है। लोक ही उनके जीवन की प्रेरणा-शक्ति है। वे अपने संभाषणों में बार-बार कहती हैं— ‘‘साहित्यकार को मधुमक्खी की भूमिका में होना चाहिए, मकड़ा के नहीं। जो साहित्यकार समाज के विभिन्न क्यारियों से पराग इकट्ठा करते हैं, उनका साहित्य (मधु) उसी समाज-जीवन के लिए स्वास्थ्यवर्धक होता है।’’ एक प्रख्यात लेखक, संवदेनशील पत्रकार, सर्वभूतहितेरता, सामाजिक कार्यकर्ता, प्रखर चिंतक, कुशल गृहिणी और शिखर राजनेता जैसे कितने पदों और गुणों को समेटे 'श्रीमती सिन्हा के 75वें जन्मदिवस के असवर पर सात खंडों में उनके जीवन की विविध रंगी झाँकी समेटे हुए ग्रंथ सहजता की भव्यता का प्रकाशन किया गया है, जिसमें उनके निकटतम रहनेवाले ही नहीं, दूर से देखने वालों ने भी अपनी सद्भावनाएँ व्यक्त की हैं। 'श्रीमती सिन्हा के बहुआयामी व्यक्तित्व को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का यह ग्रंथ एक छोटा सा प्रयास है|